जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए गुरुवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। मणिपुर की 25 वर्षीय एथलीट रोशिबिना देवी नाओरेम ने वुशु के महिलाओं के 60 किग्रा सांडा इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को सिल्वर मेडल (रजत पदक) दिलाया है। इसके साथ ही वह लगातार तीन एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वुशु एथलीट बन गई हैं।
फाइनल का रोमांच और मेडल तक का सफर
स्वर्ण पदक के मुकाबले में रोशिबिना का सामना चीन की झांग शियाओयू से हुआ, जहां उन्हें 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। चीनी खिलाड़ी ने टाइटल बाउट में पूरी तरह से दबदबा बनाए रखा और दोनों राउंड 5-0 से जीतकर मुकाबला कुल 10-0 से अपने नाम कर लिया। भले ही रोशिबिना अपने मेडल का रंग (गोल्ड) बदलने से चूक गईं, लेकिन फाइनल तक का उनका सफर बेहद शानदार रहा। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मकाओ की चू मान सिन को 5-0 से और सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 2-0 से एकतरफा मात देकर सिल्वर पक्का किया था।
चोट, ट्रायल्स में हार और फिर किस्मत से एंट्री
रोशिबिना के लिए पोडियम तक पहुंचने का यह सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक साल पहले घुटने की चोट के कारण खेल से दूर रहीं रोशिबिना ट्रायल्स के दौरान दिव्यांशी चौधरी से हार गई थीं। इसके चलते 22 अगस्त को खेल मंत्रालय द्वारा मंजूर की गई सात सदस्यीय वुशु टीम में उन्हें जगह नहीं मिल पाई थी और दिव्यांशी को 60 किग्रा कैटेगरी के लिए चुना गया था। लेकिन गेम्स से ठीक पहले दिव्यांशी को हाई-ग्रेड एसीएल (ACL) टियर हो गया। इसके बाद वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उनकी जगह रोशिबिना को टीम में शामिल किया और उन्होंने देश को निराश नहीं किया।
एशियन गेम्स में पदकों की ऐतिहासिक हैट्रिक
रोशिबिना का एशियन गेम्स में यह लगातार तीसरा मेडल है।
2018 (जकार्ता-पालेमबांग): 17 साल की उम्र में ब्रॉन्ज मेडल
2023 (हांगझोऊ): सिल्वर मेडल
2026 (आइची-नागोया): सिल्वर मेडल
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने दी बधाई
रोशिबिना की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर लिखा, "जापान के नागोया में 20वें एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने पर नाओरेम रोशिबिना देवी को बहुत-बहुत बधाई। उनका लगातार तीसरा मेडल जीतना मणिपुर और भारत के लिए गर्व की बात है। उम्मीद है कि वह हमारे युवाओं को प्रेरित करती रहेंगी।" वहीं, सीएमओ मणिपुर ने भी उन्हें ऐतिहासिक हैट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय वुशु एथलीट बनने पर शुभकामनाएं दीं।

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